केतन अग्रवाल मर्डर केस: क्या ₹1 करोड़, लव ट्रायंगल और पहले से रची गई साजिश जुड़ी है इस हत्या से? जांच में सामने आए नए दावे

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच के दौरान ₹1 करोड़ के कथित लेनदेन, लव ट्रायंगल और पहले से बनाई गई साजिश से जुड़े नए दावे सामने आए हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।

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पुणे | The Janpath News

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए दावे सामने आ रहे हैं। अब सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी ने इस मामले को सिर्फ एक कथित प्रेम संबंध तक सीमित नहीं रहने दिया है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस मामले में करीब ₹1 करोड़ के लेनदेन, पहले से बनाई गई कथित योजना और हत्या के बाद की रणनीति जैसे कई गंभीर पहलुओं की जांच की जा रही है।

हालांकि पुलिस की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच अभी जारी है।


शादी की तैयारियों के नाम पर ₹1 करोड़ लेने का दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शादी की तैयारियों और शॉपिंग के नाम पर केतन अग्रवाल से करीब ₹1 करोड़ लिए गए थे।

सूत्रों का दावा है कि यह रकम कथित तौर पर शादी की खरीदारी में खर्च नहीं की गई, बल्कि आरोपी सिया गोयल ने यह राशि अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए दे दी।

इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल पुलिस द्वारा नहीं की गई है।


आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कथित योजना

सूत्रों के अनुसार, चेतन चौधरी एक सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि से आता है और कथित तौर पर उसने सिया से कहा था कि आर्थिक रूप से स्थिर होने में उसे कुछ वर्षों का समय लगेगा।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या दोनों के बीच भविष्य को लेकर कोई पूर्व नियोजित योजना बनाई गई थी।


हत्या के बाद भी बनाई गई थी कथित रणनीति?

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर यह योजना बनाई थी कि यदि केतन रास्ते से हट जाता है, तो वे तुरंत शादी नहीं करेंगे।

दावा है कि दोनों लगभग तीन वर्षों तक इंतजार करने की योजना बना रहे थे ताकि किसी प्रकार का संदेह उन पर न जाए और उसके बाद सामान्य परिस्थितियों में विवाह किया जा सके।

हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


लोहागढ़ किले पर पहले से तय था कथित संकेत?

सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी दावा सामने आया है कि घटना वाले दिन लोहागढ़ किले पर एक कथित संकेत पहले से तय किया गया था।

बताया जा रहा है कि सिया को पानी पीने या जूते के फीते बांधने के बहाने बैठना था, जिसे कथित रूप से चेतन के लिए संकेत माना गया।

जांच एजेंसियां इस दावे की भी पुष्टि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, घटनास्थल के सबूतों और पूछताछ के आधार पर कर रही हैं।


पुलिस किन पहलुओं की कर रही है जांच?

पुलिस फिलहाल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कर रही है—

  • कथित ₹1 करोड़ का लेनदेन
  • बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन
  • मोबाइल चैट और कॉल डिटेल
  • घटनास्थल से जुड़े फॉरेंसिक साक्ष्य
  • आरोपियों के बयान
  • इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य

जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तथ्यों का मिलान करने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।


अभी क्या कहती है जांच?

मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

पुलिस अब तक मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है और विभिन्न दावों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।

अभी तक किसी अदालत ने इन आरोपों को सिद्ध नहीं माना है और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।


निष्कर्ष

केतन अग्रवाल हत्याकांड अब केवल एक कथित प्रेम प्रसंग का मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि जांच एजेंसियां आर्थिक लेनदेन, कथित पूर्व नियोजित साजिश और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों सहित कई पहलुओं की जांच कर रही हैं।

हालांकि, इस मामले से जुड़े सभी दावे फिलहाल जांच के दायरे में हैं और अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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