पुणे। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में एक CCTV फुटेज जांच एजेंसियों के लिए अहम कड़ी बनकर सामने आया है। पुलिस का दावा है कि हत्या से पहले आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे, जहां कथित तौर पर पूरी साजिश पर चर्चा की गई।
हालांकि, पुलिस के इन दावों की अंतिम पुष्टि अभी अदालत में होनी बाकी है और जांच जारी है।
CCTV फुटेज में क्या दिखाई दिया?
जांच के दायरे में आए CCTV फुटेज में सिया गोयल और चेतन चौधरी एक कैफे में साथ बैठे दिखाई देते हैं। फुटेज में दोनों बातचीत करते हुए और एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आते हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मुलाकात हत्या से ठीक पहले हुई थी और इसी वजह से यह फुटेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई और क्या इसका संबंध हत्या की कथित साजिश से था।
क्या है पूरा मामला?
26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने केतन की होने वाली पत्नी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनका मिलान अन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है।
पुलिस ने क्या कहा?
जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी का पुलिस के सामने दिया गया कथित कबूलनामा अदालत में अपने आप स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जाता।
इसी कारण पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूत, CCTV फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़कर मामले को मजबूत करने में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हत्या की कई कोशिशों का दावा
पुलिस का दावा है कि आरोपी पक्ष ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या की एक से अधिक बार कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
जांच के अनुसार, बाद में लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान कथित रूप से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
किन सबूतों पर टिकी है जांच?
इस समय जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- कैफे का CCTV फुटेज
- मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
- डिजिटल चैट और इलेक्ट्रॉनिक डेटा
- फॉरेंसिक रिपोर्ट
- आरोपियों और गवाहों के बयान
- घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य
पुलिस का कहना है कि इन सभी कड़ियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार की जा रही है।
अदालत में होगी अंतिम परीक्षा
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए सबूतों की विश्वसनीयता और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी।
फिलहाल पुलिस जांच पूरी करने और मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी हुई है।
निष्कर्ष
केतन अग्रवाल हत्याकांड अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित एक जटिल जांच में बदल चुका है। CCTV फुटेज को पुलिस इस केस की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है, लेकिन यह तय करना कि क्या इसी कैफे में हत्या की साजिश रची गई थी, इसका अंतिम फैसला न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
