दिल्ली: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है। द जनपथ न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि जहां दो दिन पहले पूरा मैदान छात्रों से भरा हुआ था, वहां आज भीड़ काफी कम हो गई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की बेचैनी और गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है।
मुख्य मुद्दे और छात्रों की मांगें
- NEET पेपर लीक की घटना पर पूर्ण जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की मांग।
- गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार।
- भविष्य में ऐसे पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम।
एक छात्र ने बताया:
“हम यहां तब तक बैठे रहेंगे जब तक सरकार हमारी बात नहीं सुन लेती। अगर दो महीने, चार महीने या छह महीने भी लगे तो हम नहीं हटेंगे। हमारी मांग है कि पेपर लीक करने वालों को सजा मिले और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।”
गोरखपुर से आए एक युवा ने कहा कि वे अपने छोटे भाइयों के भविष्य को बचाने के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन सरकार सिर्फ वादे करती है, कोई ठोस समाधान नहीं निकालती।
भीड़ कम होने पर सवाल
रिपोर्ट में दिखा कि शनिवार को मैदान भरा हुआ था, लेकिन तीसरे दिन आधे से ज्यादा जगह खाली नजर आ रही है। फिर भी छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ है। आंदोलनकारी अभिजीत दीपक ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
छात्रों का मानना है कि गर्मी, परीक्षाओं के बाद की थकान और कुछ जगहों पर दबाव के कारण भीड़ कम हुई है, लेकिन मुद्दा जिंदा है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा:
“भीड़ कम हो सकती है, लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अगर सरकार नहीं सुनती तो हम लंबे समय तक यहां डटे रहेंगे।”
राजनीतिक आयाम
आंदोलन में केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों (खासकर उत्तर प्रदेश) पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि पूरे देश में पेपर लीक की समस्या एक जैसी है, जहां भाजपा सरकारें हैं। वे प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से जवाब मांग रहे हैं।
द जनपथ न्यूज़ की टीम ने पाया कि परिवार के सदस्य भी छात्रों के साथ डटे हुए हैं। कई छात्र बेरोजगारी और महंगाई से भी परेशान दिखे।
क्या कहते हैं आंदोलनकारी?
एक छात्र ने भावुक होकर कहा:
“हमारे पास पैसे नहीं हैं, फिर भी हम पढ़ना चाहते हैं। लेकिन सिस्टम ही खराब है। अगर हमारी लड़ाई सफल हुई तो हम दूसरों को भी मदद करेंगे।”
अभिजीत दीपक (Cockroach Janta Party) सहित कई छात्र नेता मंच से लगातार संबोधित कर रहे हैं और लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।