केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करने को प्रधानमंत्री ने एक नया रिकॉर्ड बताते हुए इसे देश की नारी शक्ति का सशक्त प्रतीक कहा।
रिफॉर्म एक्सप्रेस को नई गति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस समय “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और यह बजट उसे नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। पाथ-ब्रेकिंग सुधारों से आकांक्षी और प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान मिलेगा।
उन्होंने बजट को “ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस” और “ह्यूमन-सेंट्रिक अर्थव्यवस्था” का व्यावहारिक खाका बताया। खास बात यह है कि एक ओर जहां राजकोषीय घाटा कम करने और महंगाई नियंत्रण पर ध्यान दिया गया है, वहीं दूसरी ओर हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का संतुलन भी कायम रखा गया है।
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखता है।
उन्होंने हालिया वैश्विक व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन डील्स का अधिकतम लाभ युवाओं और लघु-मध्यम उद्योगों (MSMEs) तक पहुंचे, इसके लिए बजट में बड़े कदम उठाए गए हैं।
मेक इन इंडिया और सनराइज सेक्टर्स को बढ़ावा
बजट में Make in India और Aatmanirbhar Bharat Abhiyan को नई रफ्तार देने का रोडमैप पेश किया गया है।
सनराइज सेक्टर्स को मजबूत समर्थन देते हुए बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्सटाइल सेक्टर में नई योजनाओं की घोषणा की गई है।
एमएसएमई सेक्टर को “लोकल से ग्लोबल” बनाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज को भविष्यवादी कदम बताया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और संतुलित विकास
देश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वाटरवेज विस्तार, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शहरों को आर्थिक मजबूती देने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देने का निर्णय भी इस बजट की प्रमुख विशेषता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी कदम विकसित भारत की यात्रा को और तेज करेंगे।
युवा शक्ति और रोजगार पर फोकस
प्रधानमंत्री ने इसे “युवा शक्ति बजट” बताया। मेडिकल हब्स के निर्माण, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के अवसर, ऑरेंज इकोनॉमी (ऑडियो-विजुअल और गेमिंग), पर्यटन प्रोत्साहन और Khelo India मिशन के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।
भारत को डाटा सेंटर हब बनाने के लिए टैक्स में छूट की घोषणा को रोजगार सृजन के लिए बड़ा कदम बताया गया।
महिलाओं और शिक्षा को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी हैं। बजट में महिलाओं द्वारा संचालित एसएचजी के लिए आधुनिक इकोसिस्टम विकसित करने को प्राथमिकता दी गई है।
हर जिले में छात्राओं के लिए नए हॉस्टल बनाने की योजना से शिक्षा की पहुंच और सुलभ होगी।
कृषि, डेयरी और फिशरीज को मजबूती
कृषि, डेयरी और फिशरीज सेक्टर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नारियल, काजू, कोको और चंदन उत्पादकों के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
“भारत विस्तार एआई” जैसे डिजिटल टूल्स के जरिए किसानों को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है। फिशरीज और पशुपालन में उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री ने बजट को “एंबिशियस और एस्पिरेशन-ड्रिवन” बताते हुए कहा कि यह गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए समर्पित है।
उन्होंने वित्त मंत्री और उनकी टीम को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह बजट विकसित भारत की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।